भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विश्लेषणात्मक  अध्ययन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका

Authors

  • डॅा. कृष्ण कुमार शर्मा Author
  • दिपांक गंधे Author
  • दीपक कुर्मी Author

Abstract

भारत में उद्यमिता की जड़ें प्राचीन काल से जुड़ी हुई हैं। सिंधु घाटी सभ्यता के समय से व्यापार, उत्पादन और विनिमय की परंपराएं रही हैं। मध्यकाल में भारत अपने वस्त्र उद्योग, मसाले और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध था। ब्रिटिश उपनिवेश काल ने इन व्यवस्थाओं को बाधित किया, लेकिन स्वतंत्रता के बाद धीरे-धीरे भारत ने फिर से औद्योगिक और व्यवसायिक विकास की दिशा में कदम बढ़ाया। 1991 की आर्थिक उदारीकरण नीति के बाद निजी क्षेत्र को अधिक स्वतंत्रता मिली और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिला।

Author Biographies

  • डॅा. कृष्ण कुमार शर्मा

    सह-प्राध्यापक, अर्थशास्त्र विभाग, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छ:ग: 495009

  • दिपांक गंधे

    शोधार्थी, अर्थशास्त्र विभाग, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छ:ग: 495009

  • दीपक कुर्मी

    शोधार्थी, अर्थशास्त्र विभाग, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छ:ग: 495009

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Published

04-08-2025

How to Cite

भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विश्लेषणात्मक  अध्ययन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका. (2025). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 242-264. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/169