भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विश्लेषणात्मक अध्ययन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका
Abstract
भारत में उद्यमिता की जड़ें प्राचीन काल से जुड़ी हुई हैं। सिंधु घाटी सभ्यता के समय से व्यापार, उत्पादन और विनिमय की परंपराएं रही हैं। मध्यकाल में भारत अपने वस्त्र उद्योग, मसाले और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध था। ब्रिटिश उपनिवेश काल ने इन व्यवस्थाओं को बाधित किया, लेकिन स्वतंत्रता के बाद धीरे-धीरे भारत ने फिर से औद्योगिक और व्यवसायिक विकास की दिशा में कदम बढ़ाया। 1991 की आर्थिक उदारीकरण नीति के बाद निजी क्षेत्र को अधिक स्वतंत्रता मिली और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिला।
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