आर्थिक विकास में लघु उद्योगों की भूमिका (कुमाऊँ मण्डल के विशेष सन्दर्भ में)

Authors

  • डाॅ0 श्वेता चनियाल Author

Keywords:

आर्थिक विकास, लघु उद्योगों की भूमिका, कुमाऊँ मण्डल

Abstract

 उत्तराखण्ड हिमालयी क्षेत्र में रचा बसा राज्य है। कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है तथा राज्य का अधिकांश भाग पर्वतीय व ग्रामीण है जिसमें आजिविका का प्रमुख साधन कृषि ही है तथा यहाॅ पर जनसंख्या रोजगार हेतु पलायन कर रही है, कृषि जोतों के लाभकर न रहने पर अधिकांश व्यक्ति लघु उद्योगों या लघु औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत होकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। प्रस्तुत शोध पत्र का प्रमुख उद्देश्य लघु उद्योगों पर प्रकाश डालना है जिस पर संलग्न होकर कमाऊँ मण्डल (उत्तराखण्ड) के व्यक्ति रोजगार के उचित अवसरों को प्राप्त करके जीविकोपार्जन कर रहे हैं तथा राष्ट्र व क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान दे रहे हैं। आर्थिक विकास की अवस्था को प्राप्त करने के लिए सर्वप्रथम आत्मनिर्भरता की अवस्था प्राप्त करना आवश्यक है, जो कि यहाॅ के ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति लघु उद्योग में कार्य करके प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। 

Author Biography

  • डाॅ0 श्वेता चनियाल

    असिस्टेन्ट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, अल्मोड़ा परिसर, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) 

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Published

03-07-2024

How to Cite

आर्थिक विकास में लघु उद्योगों की भूमिका (कुमाऊँ मण्डल के विशेष सन्दर्भ में). (2024). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 21-28. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/84

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