महर्षि अरविंदो का स्वाधीनता आंदोलन में योगदान (पश्चिम बंगाल के विशेष संदर्भ में)

Authors

  • डॉ. सीताराम आठिया Author

Keywords:

महर्षि, योगी, दार्शनिक, आध्यात्म, योगा, सावित्री, अवतारवाद, द लाइफ डिवाइन, उत्तरपाड़ा।

Abstract

महर्षि अरविंद एक महान योगी और दार्शनिक थे, पूरे विश्व में उनके दर्शनशास्त्र का बहुत प्रभाव रहा है। उनका जन्म कोलकाता में एक संपन्न परिवार में हुआ था। उनके चिकित्सक पिता अंग्रेजों के बहुत बड़े प्रशंसक थे। महर्षि अरविंद ने वेद, उपनिषद आदि ग्रंथों पर टीका एवम योग साधना पर मौलिक ग्रंथ लिखे। उन्होंने विशेष रूप से डार्विन जैसे जीव वैज्ञानिकों के सिद्धांत से आगे चेतना के विकास की एक कहानी लिखी और समझाया कि किस तरह धरती पर जीवन का विकास हुआ। उनकी प्रमुख कृतियां लेटर्स ऑन योगा, सावित्री, योग समन्वय, दिव्य जीवन, फ्यूचर पोयट्री और द मदर हैं। महर्षि अरविंद बंगाल के महान क्रांतिकारियों में से एक थे, आध्यात्मिक क्रांति की शुरुआत इन्होंने ही की थी। इन्हीं के आह्वान पर हजारों बंगाली युवकों ने देश की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदों को चूम लिया था। सशस्त्र क्रांति के पीछे इनकी ही प्रेरणा थी। अरविंद ने कहा था कि चाहे सरकार क्रांतिकारियों को जेल में बंद करे, फांसी दे या यातनाएं दे, पर हम यह सब सहन करेंगे और यह स्वतंत्रता का आंदोलन कभी रुकेगा नहीं। एक दिन अवश्य आएगा, जब अंग्रेजों को हिन्दुस्तान छोड़कर जाना होगा। और वह एक दिन आ ही गया, 15 अगस्त 1947 को महर्षि अरविंद जी के जन्मदिवस पर ही भारत को आजादी मिली। महर्षि अरविंद पहले एक क्रांतिकारी नेता थे किंतु बाद में वह आध्यात्म की ओर मुड़ गए क्योंकि उन्होंने यह जान  लिया था कि आध्यात्मिक उत्थान के बगैर भारत की स्वतंत्रता के कोई मायने नहीं। इसीलिए उन्होंने भारत को आध्यात्मिक रूप से एक करने के लिए भारतीय ज्ञान की पताका विश्व भर में फैलाई ताकि भारतीयों में अपने ज्ञान के प्रति गौरव-बोध जाग्रत हो। गौरव-बोध के बगैर आजादी और स्वतंत्रता की अलख जगाना मुश्किल था। हमें अपने धर्म और ज्ञान पर गौरव होना चाहिए। यह गौरव-बोध तब आता है, जब हम वेद, उपनिषद और गीता को पढ़ेंगे। महर्षि अरविंद ने गीता और अवतारवाद के विज्ञान को भी समझाया।

Author Biography

  • डॉ. सीताराम आठिया

    एम :- राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, प्राचीन भारतीय इतिहास, मानद पीएचडी (डीएसडब्ल्यू),  विद्या वाचस्पति सम्मान समकक्ष मानद डॉक्टरेट, मानद डी लिट (स्वास्थ्य)

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Published

15-08-2024

How to Cite

महर्षि अरविंदो का स्वाधीनता आंदोलन में योगदान (पश्चिम बंगाल के विशेष संदर्भ में). (2024). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 68-79. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/152

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