वैश्वीकरण और नारी आत्मनिर्भरता: एक विश्लेषण

Authors

  • मन्जू रानी Author
  • डॉ. धीरज बाकोलिया Author

Keywords:

वैश्वीकरण , नारी विमर्श , पूंजीवाद , परंपरागत मान्यताएं , संघर्ष , स्वतंत्रता , आत्मनिर्भरता

Abstract

20वीं शताब्दी की एक प्रमुख घटना है - वैश्वीकरण। इसके अंतर्गत आतंकवाद, पर्यावरण, बेरोजगारी, अशिक्षा आदि विषयों के साथ-साथ नारी विमर्श जैसे ज्वलंत विषय का भी अध्ययन किया जा रहा है। नारी विमर्श सिर्फ एक देश की सीमाओं तक की सीमित नहीं है बल्कि वैश्विक स्तर पर नारी सशक्तिकरण के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। पाश्चात्य देशों में नारी स्वतंत्रता के लिए अनेक आंदोलन हुए। संचार साधनों, पूंजीवाद तथा बाजारीकरण ने जहां नारी को आत्मनिर्भर तो बनाया परंतु उसके अस्तित्व पर आज भी प्रश्न चिन्ह लगे हुए हैं। 
संवैधानिक व सामाजिक अधिकार स्त्री को पुरुष के समान ही प्राप्त है परंतु आज भी नारी को अपने जीवन पर अधिकार प्राप्त नहीं है वह अपने जीवन का निर्णय स्वयं नहीं ले सकती है। नारी की स्वतंत्रता आज भी अधूरी ही दिखाई देती है। एक नारी के बिना ना तो घर परिवार चलता है और ना ही सृष्टि का संचालन होता है फिर भी घर परिवार और समाज द्वारा वह हाशिए की तरफ ही धकेली जाती है। सामाजिक जीवन मूल्यों का महत्व स्त्री और पुरुष दोनों के लिए ही समान होता है परंतु फिर भी पुरुष प्रधान समाज पुरुष को तो स्वतंत्र रखता है और स्त्री को बेडियो में जकड़े रहता है। समाज की परंपरागत मान्यताएं अपने आप नहीं बदलती इन्हें बदलने के लिए आवाज उठानी पड़ती है इनके विरुद्ध संघर्ष करना पड़ता है पर आज भी नारी का सबसे बड़ा दुश्मन उसका डर है। अपने इसी डर को खत्म कर अपने विवेक व साहस से ही नारी को समाज के इन परंपरागत बंधनों से छुटकारा मिल पाएगा । वैश्वीकरण से सूचना क्रांति, शिक्षा का प्रचार प्रसार और रोजगार के नए क्षेत्र का सृजन हो रहा है जिनके फलस्वरूप आज नारी स्वयं को आत्मनिर्भर और स्वतंत्र अनुभव कर रही है। अभी भी उसे अपनी हिम्मत और हौसलों के साथ पुरुष प्रधान समाज में अपनी स्वतंत्र पहचान बनानी है तभी वह उन्नति के शिखर को छू सकेगी। 

Author Biographies

  • मन्जू रानी

    शोधार्थी, राजनीति विज्ञान विभाग, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर, राजस्थान

  • डॉ. धीरज बाकोलिया

    शोध निर्देशक, राजनीति विज्ञान विभाग, गवर्नमेंट लोहिया कॉलेज, चुरू, राजस्थान

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Published

03-05-2024

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How to Cite

वैश्वीकरण और नारी आत्मनिर्भरता: एक विश्लेषण. (2024). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 42-47. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/77

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