बिहार की राजनीति में सन् 2005 के पश्चात उभरते प्रतिमान

Authors

  • सुदर्शन कुमार प्रियदर्शी Author

Keywords:

बिहार की राजनीति, 2005 के बाद, सुशासन, गठबंधन राजनीति, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, जातीय जनगणना, विकास, युवा नेतृत्व, डिजिटल राजनीति।

Abstract

सन् 2005 के बाद बिहार की राजनीति में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिले। जहाँ 1990 से 2005 तक का समय जातीय समीकरण और सामाजिक न्याय की राजनीति से प्रभावित था, वहीं 2005 के बाद विकास, सुशासन और गठबंधन की राजनीति ने नए प्रतिमानों को जन्म दिया। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी सरकार ने सड़क, बिजली, शिक्षा और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में सुधार करते हुए राजनीति के विमर्श को “विकास” की ओर मोड़ा। महिला सशक्तिकरण, विशेषकर पंचायत चुनावों में 50% आरक्षण ने बिहार की राजनीति में नए सामाजिक समूहों को सक्रिय किया। साथ ही अति पिछड़ा वर्ग और महादलित जैसे वर्गों का राजनीतिकरण भी इस दौर में विशेष महत्व रखता है।

हालाँकि इस कालखंड की राजनीति गठबंधनों के उतार-चढ़ाव से भी भरी रही। जेडीयू-बीजेपी का गठबंधन, महागठबंधन का प्रयोग, और फिर सत्ता की पुनर्वापसी—ये सब बिहार की राजनीति में अस्थिरता और अवसरवादिता दोनों को दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त जातीय जनगणना की माँग, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएँ राजनीति को प्रभावित करती रही हैं।

सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के उदय ने राजनीति की शैली को बदला है। अब राजनीतिक दल प्रत्यक्ष संवाद और डिजिटल अभियान के माध्यम से युवाओं और महिलाओं तक पहुँचने लगे हैं। इसने राजनीतिक भागीदारी को नया आयाम दिया है। साथ ही, तेजस्वी यादव जैसे युवा नेताओं का उदय यह संकेत करता है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन और नई प्राथमिकताओं का दौर शुरू होगा।

कुल मिलाकर, 2005 के बाद बिहार की राजनीति ने जातीय समीकरण से आगे बढ़कर विकास, सुशासन, सामाजिक समावेशन और गठबंधन की राजनीति जैसे नए प्रतिमानों को स्थापित किया है। यद्यपि चुनौतियाँ अभी भी विद्यमान हैं, परंतु यह दौर बिहार की राजनीति में एक संक्रमणकाल के रूप में देखा जा सकता है, जिसने भविष्य के लिए नई संभावनाएँ खोली हैं।

Author Biography

  • सुदर्शन कुमार प्रियदर्शी

    सहायक प्राध्यापक (राजनीति विज्ञान), कोशी कॉलेज, खगड़िया, मुंगेर विश्वविद्यालय (मुंगेर)

Downloads

Published

07-10-2025

How to Cite

बिहार की राजनीति में सन् 2005 के पश्चात उभरते प्रतिमान. (2025). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 3(1), 377-391. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/193

Similar Articles

1-10 of 86

You may also start an advanced similarity search for this article.