बिहार राज्य के कुछ जिलों में पंचायती राज व्यवस्था का अध्ययन
Keywords:
पंचायती राज, स्थानीय स्वशासन, बिहार, ग्राम पंचायत, ग्रामीण विकास, लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण।Abstract
भारत में पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण लोकतंत्र की आधारशिला मानी जाती है। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया, जिसके फलस्वरूप स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। बिहार राज्य में पंचायती राज व्यवस्था का पुनर्गठन बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के माध्यम से किया गया। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य बिहार के चयनित जिलों में पंचायती राज व्यवस्था की संरचना, कार्यप्रणाली, जनभागीदारी, महिला सशक्तिकरण तथा ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका का विश्लेषण करना है। अध्ययन में भागलपुर, पटना, गया, मुजफ्फरपुर तथा मधुबनी जिलों को उदाहरणस्वरूप सम्मिलित किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि पंचायती राज संस्थाओं ने ग्रामीण विकास एवं लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को प्रोत्साहित किया है, किंतु वित्तीय निर्भरता, प्रशासनिक हस्तक्षेप तथा क्षमता निर्माण की कमी जैसी चुनौतियाँ अभी भी विद्यमान हैं।
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