झारखण्ड की नगरपालिकाओं में महिला पार्षदों की भागीदारी एवं राजनीतिक सशक्तिकरण का विश्लेषण: 2015 के नगर निगम चुनाव परिणामों के विशेष संदर्भ में

Authors

  • चाँदनी कुमारी Author
  • डॉ सत्यवीर सिंह Author

Keywords:

महिला सशक्तिकरण, शहरी स्थानीय निकाय, राजनीतिक भागीदारी, झारखण्ड, 2015 चुनाव, आरक्षण नीति।

Abstract

स्थानीय स्वशासन में महिलाओं की भागीदारी लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण की आधारशिला है, विशेषकर 73वें और 74वें संविधान संशोधन के बाद। यह शोध पत्र झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में महिला पार्षदों की भागीदारी का विश्लेषण 2015 के नगर निगम चुनावों के परिणामों के विशेष संदर्भ में करता है। अध्ययन पाँच प्रमुख निकायों धनबाद, चास, चक्रधरपुर, विश्रामपुर और झुमरीतिलैया के चुनावी आंकड़ों का उपयोग करता है। निष्कर्ष बताते हैं कि कुल 191 वार्डों में से 58 सीटें (30.37%) महिलाओं ने जीतीं, जो 33% के वैधानिक आरक्षण कोटे के लगभग समकक्ष है। हालाँकि, आरक्षण श्रेणियों (एससी, एसटी, ओबीसी तथा सामान्य) में महिलाओं का भागीदारी आसमान है, तथा नेतृत्व के पदों (महापौर या अध्यक्ष) पर केवल एक हीं महिला (विश्रामपुर में) निर्वाचित पाई गईयह अध्ययन संख्यात्मक प्रतिनिधित्व और वास्तविक राजनीतिक सशक्तिकरण के बीच खाई को रेखांकित करता है, तथा संस्थागत बाधाओं और सामाजिक-आर्थिक कारकों पर आगे के शोध की आवश्यकता पर बल देता है।

Author Biographies

  • चाँदनी कुमारी

    पीएचडी रिसर्च स्कालर, राजनीति विज्ञान विभाग, राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़, झारखण्ड

  • डॉ सत्यवीर सिंह

    सहायक प्रोफेसर व पीएचडी पर्यवेक्षक, राजनीति विज्ञान विभाग, राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़, झारखण्ड

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Published

24-02-2026

How to Cite

झारखण्ड की नगरपालिकाओं में महिला पार्षदों की भागीदारी एवं राजनीतिक सशक्तिकरण का विश्लेषण: 2015 के नगर निगम चुनाव परिणामों के विशेष संदर्भ में. (2026). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 169-181. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/304

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