छ.ग. में पारंपरिक खेती घुरूवा खाद द्वारा जैविक फसल उत्पादन क्रिया योजना
Keywords:
पारंपरिक खेती , घुरूवा खाद, जैविक फसलAbstract
सुराजी गांव योजना के तहत् घुरुवा से संबंधित कायों की प्रगति के संबंध में 23.03.2019 को कार्ययोजना की समीक्षा बैठक हुई जिसमें घुरुवा कार्यक्रम का क्रियान्वयन हेतु राज्य के सभी संभागो में संचालक कृषि एवं आयुक्त मनरेगा, संचालक पशु विभाग, संचालक उद्यानिकी एवं अन्य राज्य स्तर के अधिकारियो के साथ बैठक कर सुराजी गांव योजना की क्रियावयन की गतिविधि के बारे में जानकारी दी और राज्य स्तर समिति, जिला स्तर समिति, ग्राम पंचायत स्तर पर घुरुवा कार्यक्रम का क्रियान्वयन करने हेतु समिति गठित की, इसके अंतर्गत भी चयनित गांवों में कृषि विभाग द्वारा अधिक से अधिक संख्या में हितग्राहियो का चयन कर नाडेप, वर्मी कम्पोस्ट प्रकरण तैयार किये जा रहे है और कई जिलो में नरेगा के माध्यम से कार्य प्रारंभ कर दिये गये है। गोठान में गौ वंश सुरक्षित रहेगा बकि यहां किसानों के घूरे (घुरुवा) को खाद को भी महिला सहायता समूहों की मदद से भी कम्पोस्ट में बदलकर केवल एक रुपये किलो के प्रोसेसिंग कास्ट के साथ किसानों को दे दिया जायेगा जिसे किसान यूरिया या किसी भी अन्य रासायनिक खाद की तरह खेत मे छीड़काव कर अपने फसलो की गुणवता बढ़ा सकेगा।
Downloads
Published
Issue
Section
License
Copyright (c) 2025 Siddhanta's International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License.