बांग्ला भाषा की विकास-धारा: प्राकृत–अपभ्रंश से आधुनिक काल तक
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बांग्ला भाषा, भाषिक विवर्तन, प्राकृत, अपभ्रंश, मगधी प्राकृत, प्राचीन बांग्ला, मध्य बांग्ला, आधुनिक बांग्ला, भाषातत्त्व, शब्दभाण्डारAbstract
बांग्ला भाषा इन्दो-आर्य भाषा-परिवार की एक महत्वपूर्ण भाषा है, जिसका विकास एक दीर्घकालीन ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम है। प्राचीन, मध्य एवं आधुनिक चरणों से होकर बांग्ला भाषा ने अपने भाषिक स्वरूप, शब्दभण्डार तथा साहित्यिक अभिव्यक्ति में निरन्तर परिवर्तन और परिपक्वता प्राप्त की है। संस्कृतजन्य, देशज तथा विदेशी तत्वों के समन्वय ने बांग्ला भाषा को एक समृद्ध और जीवन्त भाषा के रूप में प्रतिष्ठित किया है। इस शोधपत्र में बांग्ला भाषा की विकास-धारा का प्राकृत और अपभ्रंश चरण से लेकर आधुनिक काल तक ऐतिहासिक एवं भाषातात्त्विक दृष्टिकोण से संक्षेप में विश्लेषण किया गया है।
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