भगवद गीता में निष्काम कर्म का सिद्धांत

Authors

  • Dr. Satyen kumar Author

Keywords:

निष्काम कर्म, भगवद गीता, कर्म योग, फल की आसक्ति, कर्तव्यपालन, आत्मज्ञान, श्रीकृष्ण का उपदेश

Abstract

भगवद गीता, भारतीय दर्शन का एक अमर ग्रंथ है, जो केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन का मार्गदर्शन है। इसमें वर्णित निष्काम कर्म का सिद्धांत मानव जीवन को कर्मशील, संतुलित और मानसिक रूप से शांतिपूर्ण बनाने की शिक्षा देता है। “निष्काम कर्म” का तात्पर्य है – ऐसा कर्म करना जिसमें कोई स्वार्थ, निजी लाभ या फल की अपेक्षा न हो, केवल कर्तव्य की भावना से किया गया कार्य।

श्रीकृष्ण अर्जुन को यही सिखाते हैं कि मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने में है, फल की चिंता करना उसके हाथ में नहीं। यह विचार गीता के द्वितीय अध्याय (सांख्य योग) से लेकर पूरे ग्रंथ में बार-बार प्रकट होता है। गीता कहती है कि कर्म करते हुए भी जब व्यक्ति उसके परिणामों से निर्लिप्त रहता है, तभी वह सच्चे योगी की स्थिति को प्राप्त करता है।

इस विचार का दार्शनिक आधार आत्मा की अमरता और संसार की क्षणभंगुरता में निहित है। जब व्यक्ति यह समझ जाता है कि वह आत्मा है – न कि शरीर, न मन – तब वह निस्वार्थ कर्म कर सकता है। निष्काम कर्म केवल आध्यात्मिक मुक्ति का मार्ग नहीं है, बल्कि यह सामाजिक रूप से भी अत्यंत उपयोगी है। यह लोभ, ईर्ष्या, और अहंकार से रहित कर्म का आदर्श प्रस्तुत करता है।

आधुनिक जीवन में यह सिद्धांत पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। आज का मनुष्य परिणामों की दौड़ में इतना उलझ गया है कि कार्य करने का आनंद, आत्मिक संतुलन और आंतरिक शांति कहीं खो सी गई है। ऐसे समय में गीता का यह सन्देश—"कर्म करो, फल की चिंता मत करो"—एक शक्तिशाली और स्थायी समाधान प्रदान करता है। यह न केवल तनाव और चिंता को कम करता है, बल्कि व्यक्ति को अपने कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से जोड़ता है।

इस लेख में हम निष्काम कर्म के अर्थ, गीता के प्रमुख श्लोकों की व्याख्या, इसके आध्यात्मिक और व्यावहारिक पक्षों, और आज के समय में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा करते हैं। निष्काम कर्म केवल एक धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि एक जीवन जीने की कला है—जो हर मनुष्य को कर्म के मार्ग पर आत्मा से जुड़कर चलना सिखाता है।

Author Biography

  • Dr. Satyen kumar

    Associate Professor, Deptt.Of Philosophy, Samastipur College, Samastipur, (LNMU DARBHANGA,BIHAR)

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Published

03-03-2025

How to Cite

भगवद गीता में निष्काम कर्म का सिद्धांत. (2025). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 43-59. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/13

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