शशिप्रभा शास्त्री के उपन्यासों में व्याप्त समस्यायें

Authors

  • सुश्री भगवती जायसवाल Author
  • डॉ. श्रद्धा हिरकने Author

Keywords:

शशिप्रभा शास्त्री, व्याप्त समस्यायें

Abstract

            आज हमारा देश बहुत सारी बड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है। किसी राष्ट्र या समाज की वास्तविक स्थिति जाननी है तो उसका साहित्य देखो यह कहा जाता है। जिस राष्ट्र और समाज का साहित्य जितना समृद्ध होगा वह उतना ही समृद्ध होता है। किसी राष्ट्र या समाज में जितने भी परिवर्तन आए है वह साहित्य के माध्यम से आये है।

            किसी  भी  काल  के  साहित्य  के  माध्यम  से  उस  काल  के  परिस्थितियों  जनमानस  के खान-पान पहनावा व अन्य गतिविधियों का हमें पता चलता है। समाज साहित्य को प्रभावित करता  है  यह  सत्य  है  पर  साहित्य  भी  समाज  पर  प्रभाव  डालता  है,  अगर  हम  यह  कहे  कि साहित्य और समाज एक सिक्के के दो पहलू की तरह है और साहित्य का समाज से उसी तरह संबंध है जैसे शरीर का आत्मा से भला उस शरीर का क्या मूल्य है जिसमें आत्मा नहीं और  अगर  साहित्य  आत्मा  है  तो  यह  अजर  अमर  है।  साहित्य  का  नाश  नहीं  हो  सकता। साहित्य  उस  बीज  की  तरह  है  जो  हजारों  वर्षो  तक  धरती  के  भीतर  पड़ा  रहता  है  लेकिन अनुकूल वातावरण मिलते ही प्रकट हो जाता है। समाज नष्ट हो सकते है राष्ट्र नष्ट हो सकते है  लेकिन  साहित्य  का  नाश नहीं  हो  सकता,  मैथिली शरण  गुप्तजी  ने  कहा  है  कि  केवल मनोरंजन न कवि का कर्म होना चाहिए वरन उसमें उचित उपदेश का भी मर्म होना चाहिए।

            हिन्दी साहित्य के लेखकों में कई ऐसे उपन्यासकार रहे है जिन्होंने यथार्थ जीवन की घटनाओं व समस्याओं का अपने उपन्यासों के माध्यम से यथार्थ रूप में वर्णन किया है तथा उनके  समाधान  भी  उनमें  है जिनसे  हम  प्रेरणा  ले  सकते  है  उनमें  से  एक  नाम  है  शशिप्रभा  शास्त्री का जिन्होने बहुत ही सहज व सटीक रूप से अपने उपन्यासों में इन समस्याओं का वर्णन किया है शशिप्रभा  शास्त्री ने कुल 16 (सोलह) उपन्यासों की रचना की है जिनमें कलात्मक ढंग से मानव मन व विचारों की पर्तो को खोलकर प्रस्तुत किया गया है।

Author Biographies

  • सुश्री भगवती जायसवाल

    शोधार्थी, पी.एच.डी. (हिन्दी), कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर (छ.ग.)

  • डॉ. श्रद्धा हिरकने

    सह प्राध्यापक, शोध निर्देशक, हिन्दी विभाग, कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर (छ.ग.)

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Published

02-02-2025

How to Cite

शशिप्रभा शास्त्री के उपन्यासों में व्याप्त समस्यायें. (2025). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 235-241. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/219

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