तालेश्वर ताम्रपत्र और पौरव-वर्मन राजवंश

Authors

  • डॉ. मदन मोहन जोशी Author
  • डॉ. विजय बहुगुणा Author

Keywords:

तालेश्वर ताम्रपत्र, पौरव-वर्मन राजवंश

Abstract

उत्तरांचल में प्राप्त ताम्रपत्र अभिलेखों में सर्वाधिक प्राचीन ताम्रपत्र अभिलेख होने का श्रेय तालेश्वर ताम्रपत्रों - द्विजवर्मन का वृषताप शासन और विष्णुवर्मन के ताम्रशासन को ही है, ये दोनों ही ताम्रपत्र अल्मोड़ा जनपद के तालेश्वर नामक स्थान से जारी किये गये हैं, तालेश्वर से प्राप्त दोनों ताम्रपत्रों में एक-एक अण्डाकर मुद्रा जुड़ी है । मुद्रा में एक पसरा हुआ वृषभ, उसके नीचे चार-पंक्तियों का मुद्रा-लेख (जिसमें राजाओं के नाम तथा वंशावली उत्कीर्ण है), वृषभ के सामने एक मछली या कछुआ और नीचे संभवतः एक गरूढ़ है, वृषभ के पीछे एक अन्य प्रतीक है जिसे पहचाना नहीं जा सका है, इन सभी प्रतीकों एवं मुदा्र-लेख के ऊपर एक नाग का फण प्रदर्शित है मुद्राओं में संस्कृत भाषा और गुप्त ब्राह्मी लिपि में अग्रांकित लेख उत्कीर्ण है, (Gupte 1915-16: 114-15)।

Author Biographies

  • डॉ. मदन मोहन जोशी

    आचार्य, इतिहास विभाग, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय,  हल्द्वानी

  • डॉ. विजय बहुगुणा

    असिस्टेंट प्रोफेसर, इतिहास विभाग, वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डाकपत्थर (विकासनगर) देहरादून, उत्तराखंड

Downloads

Published

30-01-2026

How to Cite

तालेश्वर ताम्रपत्र और पौरव-वर्मन राजवंश. (2026). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 51-63. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/228

Similar Articles

31-40 of 94

You may also start an advanced similarity search for this article.

Most read articles by the same author(s)