भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में बंगाल की भूमिका : राजा राम मोहन राय

Authors

  • डॉ. सुपर्णा मुखर्जी Author

Keywords:

भारत, स्वतन्त्रता संग्राम, बंगाल, राजा राम मोहन राय

Abstract

भारत के मानचित्र के पूर्व में पश्चिम बंगाल नाम का एक राज्य दिखाई पड़ता है। यह राज्य अपनी संस्कृति, खानपान, साड़ी, गहने, उर्वरा भूमि, सुंदर महिलाएं, चाय के दुकानों पर सिगरेट-समोसे के साथ विभिन्न विषयों पर आलोचना करनेवाले भद्रोलोकों (बुद्धिजीवियों), दुर्गा पुजा के पंडाल और काली पुजा की बली प्रथा आदि के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। ‘CITY OF JOY’ के नाम से भी यह शहर प्रसिद्ध है। मुगल हो या ब्रिटिश सबकी पहली पसंद यह राज्य विभिन्न समयों में विभिन्न कारणों से रहा है। इसी कारण से भारत के मानचित्र में इस राज्य का अपना अलग अस्तित्व रहा है। प्रस्तुत आलेख में आगे ‘भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में बंगाल की भूमिका’ इस विषय पर चर्चा करते हुए बंगाल की भूमि में ही जन्में राजा राम मोहन राय के व्यक्तित्व और उनके द्वारा देशोद्धार के लिए गए कार्यों का विश्लेषण करने का प्रयास किया गया है। आशा है यह आलेख जैसे-जैसे समाप्ति की ओर बढ़ेगा वैसे-वैसे अपने उद्देश्य को भी सफल बना सकेगा।

Author Biography

  • डॉ. सुपर्णा मुखर्जी

    सहायक प्राध्यापक, भवंस विवेकानंद कॉलेज, सैनिकपुरी, हैदराबाद

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Published

15-08-2024

How to Cite

भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में बंगाल की भूमिका : राजा राम मोहन राय. (2024). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 80-86. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/153

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