भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में बंगाल की भूमिका : राजा राम मोहन राय
Keywords:
भारत, स्वतन्त्रता संग्राम, बंगाल, राजा राम मोहन रायAbstract
भारत के मानचित्र के पूर्व में पश्चिम बंगाल नाम का एक राज्य दिखाई पड़ता है। यह राज्य अपनी संस्कृति, खानपान, साड़ी, गहने, उर्वरा भूमि, सुंदर महिलाएं, चाय के दुकानों पर सिगरेट-समोसे के साथ विभिन्न विषयों पर आलोचना करनेवाले भद्रोलोकों (बुद्धिजीवियों), दुर्गा पुजा के पंडाल और काली पुजा की बली प्रथा आदि के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। ‘CITY OF JOY’ के नाम से भी यह शहर प्रसिद्ध है। मुगल हो या ब्रिटिश सबकी पहली पसंद यह राज्य विभिन्न समयों में विभिन्न कारणों से रहा है। इसी कारण से भारत के मानचित्र में इस राज्य का अपना अलग अस्तित्व रहा है। प्रस्तुत आलेख में आगे ‘भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में बंगाल की भूमिका’ इस विषय पर चर्चा करते हुए बंगाल की भूमि में ही जन्में राजा राम मोहन राय के व्यक्तित्व और उनके द्वारा देशोद्धार के लिए गए कार्यों का विश्लेषण करने का प्रयास किया गया है। आशा है यह आलेख जैसे-जैसे समाप्ति की ओर बढ़ेगा वैसे-वैसे अपने उद्देश्य को भी सफल बना सकेगा।
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