सरगुजा जिले की अनुसूचित जनजातियों की व्यावसायिक संरचना का स्थानिक प्रतिरूप: एक भौगोलिक अध्ययन
Keywords:
अनुसूचित जनजाति, व्यावसायिक संरचना, स्थानिक प्रतिरूप, प्राथमिक गतिविधियां, आर्थिक प्रगति, व्यावसायिक विविधीकरणAbstract
व्यावसायिक संरचना किसी क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण सूचक है। सरगुजा जिला जनजातीय बहुल क्षेत्र है, जहाँ की अधिकांश जनसंख्या कृषि एवं वनों पर निर्भर है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य सरगुजा जिले की अनुसूचित जनजातियों की व्यावसायिक संरचना, उसके स्थानिक प्रतिरूप तथा उससे संबंधित सामाजिक-आर्थिक कारकों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में प्राथमिक आँकड़ों का उपयोग किया गया है तथा व्यवसायों को कृषक, कृषि- मजदूर, मजदूर, सरकारी नौकरी एवं अन्य वर्गों में विभाजित किया गया है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि जनजातीय जनसंख्या का अधिकांश भाग प्राथमिक गतिविधियों पर निर्भर है, जबकि द्वितीयक एवं तृतीयक गतिविधियों में सहभागिता अपेक्षाकृत कम है। अतः अधिकांश जनजातीय परिवार कृषि एवं कृषि-मजदूरी पर निर्भर हैं, जबकि सरकारी सेवा, व्यवसाय तथा अन्य गैर-कृषि गतिविधियों में उनकी भागीदारी सीमित है। शिक्षा, भू- स्वामित्व, आय स्तर, परिवार का आकार तथा बाजार एवं परिवहन सुविधाओं की उपलब्धता व्यावसायिक संरचना को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। अध्ययन से यह भी स्पष्ट होता है कि आधुनिक शिक्षा एवं शासकीय योजनाओं के प्रभाव से जनजातीय समुदायों में व्यावसायिक विविधीकरण की प्रवृत्ति विकसित हो रही है।
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