सरगुजा जिले की अनुसूचित जनजातियों की शैक्षिक स्थिति एवं क्षेत्रीय विषमताओं का भौगोलिक अध्ययन
Keywords:
अनुसूचित जनजाति, शैक्षिक स्तर, समग्र विकास, क्षेत्रीय विषमता, आर्थिक दशाAbstract
शिक्षा किसी भी समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। अनुसूचित जनजातियों के समग्र विकास में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने तथा जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रभावी माध्यम प्रदान करती है। सरगुजा जिला जनजातीय बहुल क्षेत्र है, जहाँ उरांव, गोंड, कोरवा, पंडो, नगेसिया, कंवर, बैगा आदि जनजातियाँ निवास करती हैं। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य सरगुजा जिले की अनुसूचित जनजातियों की शैक्षिक स्थिति का मूल्यांकन करना तथा क्षेत्रीय स्तर पर विद्यमान शैक्षिक विषमताओं का भौगोलिक विश्लेषण करना है। अध्ययन में क्षेत्रीय सर्वेक्षण से प्राप्त प्राथमिक आँकड़ों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर लगातार बढ़ रहा है, किन्तु विकासखंडों एवं ग्रामीण-नगरीय क्षेत्रों के मध्य महत्वपूर्ण विषमताएँ देखने को मिलती हैं। महिला साक्षरता, विद्यालयी सुविधाओं की उपलब्धता तथा उच्च शिक्षा तक पहुँच में भी क्षेत्रीय आधार पर पर्याप्त अंतर पाया जाता है। अध्ययन से स्पष्ट है कि जनजातीय समुदायों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अध्ययन यह भी दर्शाता है कि भौगोलिक स्थिति, आर्थिक दशा, शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता तथा सामाजिक परिस्थितियाँ जनजातीय शिक्षा को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं। प्रस्तुत अध्ययन ग्रामों के संतुलित विकास एवं क्षेत्रीय विषमताओं को कम करने हेतु उपयोगी सुझाव प्रस्तुत करता हैं।
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