प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रभावशीलता का मूल्यांकनः दुर्ग जिले के किसानों की आर्थिक स्थिरता के संदर्भ में
Keywords:
कृषि, फसल बीमा, क्षतिपूर्ति, आर्थिक सुरक्षा।Abstract
भारत की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है, जहां की लगभग आधी से अधिक जनसंख्या प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कृषि कार्य पर निर्भर है। ऐसे मे किसनों की आय, आर्थिक सुरक्षा एवं स्थिरता और जोखिम से जुड़ी नीतियाँ देश की आर्थिक प्रगति के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (च्डथ्ठल्) वर्ष 2016 मे किसानो की फसल क्षति को कम करने एवं आय सुरक्षा के उद्देश्य से प्रारम्भ किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाए जैसे- सूखा, अतिवृष्ठ, ओलावृष्ठ, कीट प्रकोप आदि जैसे परिस्थितियों मे किसानों को आर्थिक क्षतिपूर्ति प्रदान कर उनके जीवन और कृषि उत्पादन को स्थायित्व प्रदान करना हैं। इस शोध का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले मे प्रधानमंत्री फसल बीमा के प्रभाव को दिखाना हैं। और यह स्पष्ट करना है कि कृषको द्वारा च्डथ्ठल् अपनाने के बाद उनके फसल नुकसान कि क्षतिपूर्ति कितना और कैसे प्राप्त होती ह,ै एवं किसानो को प्राप्त आर्थिक सुरक्षा कहा तक होती हैं। यह अध्ययन शोधकर्ता द्वारा एकत्रित किए गए प्राथमिक व द्वितीयक आकड़ों पर आधारित है। कृषि मे जोखिम प्रबंधन किसानों के लिए बहुत ही आवश्यक हैं, क्योकि यह राज्य कि लगभग 70ः आबादी के लिए फायदे का जरिया हैं। यह योजना देश के हर राज्य के किसानो के लिए आवश्यक है, जो कृषि से जुड़े हैं। इस शोध के लिए शोधर्थी ने प्रश्नावली को इस प्रकार तैयार किया गया हैं कि जो आंकड़े लिए है, उससे क्षतिपूर्ति, आय स्थिरता, आर्थिक सुरक्षा एवं जागरूकता/भागीदारी का अध्ययन किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट होगा की कृषि कार्य मे लगे किसानों को यह योजना किस प्रकार, कितना एवं कहा तक सुरक्षा पहुचती है। जिससे कृषि कार्यो मे सुरक्षा, रोजगार की स्थिति एवं ग्रामीण विकास की सही स्थिति प्रकट होगी।
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