बस्तर का दशहरा का सामाजिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व प्रभाव

Authors

  • भूमिका जैन Author
  • डॉ. डी.एम. साहू Author

Keywords:

बस्तर , दशहरा, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक

Abstract

भारत विविधता का देश है, जहाँ हर पर्व और उत्सव अपने क्षेत्र, समाज और संस्कृति के अनुसार विशिष्ट रूप ग्रहण करता है। ऐसा ही एक अनुपम पर्व है — “बस्तर का दशहरा।” यह दशहरा देश के अन्य भागों में मनाए जाने वाले राम-रावण युद्ध पर आधारित विजयदशमी से पूर्णतः भिन्न है। बस्तर का दशहरा देवी दंतेश्वरी की आराधना, जनजातीय एकता और राजसत्ता की वैधता का प्रतीक है। इस शोधात्मक लेख का उद्देश्य बस्तर दशहरा को एक सांस्कृतिक एवं समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में समझना है, ताकि इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, धार्मिक अर्थवत्ता और सामाजिक सरोकारों का गहन विश्लेषण किया जा सके।

Author Biographies

  • भूमिका जैन

    शोधार्थी, इतिहास विभाग, कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर (छ.ग.)

  • डॉ. डी.एम. साहू

    सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग, कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर (छ.ग.)

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Published

08-11-2025

How to Cite

बस्तर का दशहरा का सामाजिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व प्रभाव. (2025). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 17-19. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/205

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