महात्मा गांधी के प्रमुख विचारों का विश्लेषणात्मक अध्ययन
Keywords:
महात्मा, गांधी, अहिंसा, सत्य, विचार, सामाजिक, राजनीति, ब्रह्मचर्य, समाजAbstract
व्यक्ति के जीवन में वैचारिक दृष्टि का श्रेष्ठ होना सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि एक चरित्रवान व्यक्ति का विचार ही उसे समाज में विशिष्ट स्थान प्रदान करता है। गांधीजी ने अपने जीवन को केवल निजी उन्नति तक सीमित नहीं रखा अपितु राष्ट्र और समाज के पुनरोद्धार के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने सत्य, अहिंसा, सेवा, स्वदेशी, सर्वधर्म समभाव तथा मानवता आदि सिद्धांतों के द्वारा भारतीय समाज में नई चेतना उत्पन्न की। सम्प्रति गांधीजी के विचारों की आवश्यकता और अधिक महसूस होती है क्योंकि आधुनिक समाज अनेक सामाजिक, नैतिक, आर्थिक तथा मानवीय संकटों से गुजर रहा है। ऐसे में हिंसा, असहिष्णुता, भ्रष्टाचार, भौतिकवाद, सामाजिक विषमता, धार्मिक तनाव जैसी समस्याएँ निरंतर बढ़ती जा रही हैं। इस विषम परिस्थिति में गांधीजी के सत्य, अहिंसा, प्रेम, सेवा, सादगी और सर्वधर्म समभाव जैसे सिद्धांत मानव समाज को शांति और नैतिकता की ओर अग्रसर कर सकते हैं। गांधीजी का अहिंसा का सिद्धांत आज विश्व में बढ़ती हिंसा और युद्ध की विकट परिस्थितियों में अत्यंत प्रासंगिक है।
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