बौद्ध दर्शन का अष्टांगिक मार्ग और आधुनिक तनाव प्रबंधन: एक तुलनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध अध्ययन

Authors

  • Pro. Dr. Mahendra singh Author
  • Dr. Neetu Jewaria Author

Keywords:

अष्टांगिक मार्ग, बौद्ध दर्शन, तनाव प्रबंधन, माइंडफुलनेस, विपश्यना, चार आर्य सत्य, मानसिक स्वास्थ्य, सम्यक् स्मृति

Abstract

आधुनिक विश्व में तनाव (stress) एक सर्वव्यापी मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या के रूप में उभर चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अवसाद और चिंता जैसे तनाव-जनित विकार आगामी वर्षों में विश्व-स्तर पर विकलांगता के प्रमुख कारणों में गिने जाएँगे।(1) इस संकट के समाधान हेतु जहाँ पश्चिमी मनोविज्ञान ने संज्ञानात्मक-व्यवहार चिकित्सा (Cognitive Behavioral Therapy), माइंडफुलनेस-आधारित तनाव न्यूनीकरण (Mindfulness-Based Stress Reduction) और सकारात्मक मनोविज्ञान (Positive Psychology) जैसी तकनीकें विकसित की हैं, वहीं भारतीय दार्शनिक परंपरा, विशेषकर बौद्ध दर्शन, में लगभग ढाई सहस्राब्दी पूर्व ही दुःख के मूल कारण और उसके निवारण की व्यवस्थित मीमांसा प्रस्तुत की जा चुकी थी। प्रस्तुत शोध पत्र भगवान बुद्ध द्वारा प्रतिपादित आर्य अष्टांगिक मार्ग (आर्याष्टाङ्गमार्ग) के आठों अंगों—सम्यक् दृष्टि, सम्यक् संकल्प, सम्यक् वाणी, सम्यक् कर्मान्त, सम्यक् आजीव, सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति और सम्यक् समाधि—का गहन विश्लेषण करते हुए यह प्रमाणित करने का प्रयास करता है कि यह प्राचीन मार्ग वस्तुतः एक समग्र, त्रि-आयामी (शील-समाधि-प्रज्ञा) तनाव-प्रबंधन प्रणाली है। शोध पत्र में तुलनात्मक विश्लेषण पद्धति का प्रयोग करते हुए अष्टांगिक मार्ग के प्रत्येक अंग को आधुनिक मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों—जैसे हैंस सेल्ये का सामान्य अनुकूलन संलक्षण (General Adaptation Syndrome), लाज़ारस-फोकमैन का तनाव-मूल्यांकन सिद्धांत, जॉन कबाट-ज़िन का MBSR मॉडल, तथा न्यूरोविज्ञान में हुए हालिया शोधों—के समानांतर रखकर परखा गया है। निष्कर्षतः यह पाया गया कि अष्टांगिक मार्ग न केवल आध्यात्मिक मुक्ति (निर्वाण) का साधन है, अपितु यह मनोवैज्ञानिक स्थिरता, भावनात्मक नियमन और दीर्घकालीन तनाव-प्रतिरोधक क्षमता (resilience) के निर्माण हेतु एक वैज्ञानिक रूप से सुसंगत, व्यावहारिक और सतत प्रयोज्य प्रारूप प्रस्तुत करता है। शोध पत्र के अंत में भारतीय शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल परिवेश में अष्टांगिक मार्ग के अनुप्रयोग हेतु कुछ ठोस सुझाव भी प्रस्तुत किए गए हैं।

 

Author Biographies

  • Pro. Dr. Mahendra singh

    Professor in philosophy G.D.Govt.College for women alwar

     

  • Dr. Neetu Jewaria

    Associate Professor, History, B.S.R. Govt. Arts College, Alwar

     

Downloads

Published

10-09-2026

How to Cite

बौद्ध दर्शन का अष्टांगिक मार्ग और आधुनिक तनाव प्रबंधन: एक तुलनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध अध्ययन. (2026). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 4(1), 9-25. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/331

Similar Articles

21-30 of 116

You may also start an advanced similarity search for this article.