रोजगार के क्षेत्रवार वितरण का अध्ययन : छत्तीसगढ़ के संदर्भ में
Keywords:
रोजगार, क्षेत्रवार वितरण, छत्तीसगढ़Abstract
छत्तीसगढ़ में रोजगार का वितरण किन प्रमुख आयामों से प्रभावित होता है और यह राज्य की आर्थिक-सामाजिक संरचना को किस प्रकार प्रतिबिंबित करता है। रोजगार का स्वरूप केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक समावेशन, क्षेत्रीय संतुलन, लैंगिक समानता और विकास की दिशा से भी गहराई से जुड़ा होता है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ की रोजगार संरचना में ग्रामीण क्षेत्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका है और आजीविका के अवसरों का बड़ा भाग अभी भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था से संबद्ध है। साथ ही, रोजगार व्यवस्था में लैंगिक असमानता भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जहाँ महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में कम है। विशेष रूप से नगरीय क्षेत्रों में यह असंतुलन अधिक स्पष्ट रूप में सामने आता है। दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएँ कृषि, पारिवारिक श्रम, मनरेगा तथा अन्य स्थानीय गतिविधियों में अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय दिखाई देती हैं। इस प्रकार अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि छत्तीसगढ़ की रोजगार संरचना ग्रामीण प्रधान, पुरुष प्रधान तथा क्षेत्रीय और लैंगिक विषमताओं से प्रभावित है। अतः समावेशी और संतुलित विकास के लिए रोजगार के अवसरों का विस्तार, महिला सहभागिता में वृद्धि तथा रोजगार की गुणवत्ता में सुधार आवश्यक है।
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