पालि साहित्य में न्यायिक दर्शन की विशेषता
Keywords:
पालि साहित्य, न्यायिक दर्शन, त्रिपिटक, विनय पिटक, धम्म, बौद्ध न्याय व्यवस्थाAbstract
पालि साहित्य बौद्ध धर्म का प्राचीनतम और प्रामाणिक स्रोत है जो न केवल धार्मिक उपदेशों का संग्रह है, अपितु सामाजिक, राजनीतिक और न्यायिक व्यवस्था का भी महत्वपूर्ण दस्तावेज है। त्रिपिटक, जातक कथाएँ और अन्य पालि ग्रंथों में न्याय, विधि और नैतिकता के सिद्धांतों का व्यापक विवरण मिलता है। यह शोध पत्र पालि साहित्य में उल्लिखित न्यायिक दर्शन की विशेषताओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसमें विनय पिटक में वर्णित विधि व्यवस्था, सुत्त पिटक में उल्लिखित न्यायिक सिद्धांत, जातक कथाओं में न्याय प्रशासन और बौद्ध धर्म के नैतिक न्याय दर्शन का गहन अध्ययन किया गया है। शोध से यह स्पष्ट होता है कि पालि साहित्य में न्यायिक दर्शन धर्म, नैतिकता और व्यावहारिक न्याय का समन्वित रूप है जो आधुनिक न्याय व्यवस्था के लिए भी प्रासंगिक है।
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