पहाड़ी क्षेत्र से पलायन और जमीनी लोकतंत्र का संकटः रानीखेत के पास स्थित तल्ला बधाण गाँव पर एक केस स्टडी

Authors

  • डाॅ0 बीना जोशी Author

Keywords:

Apples (स्विस गाँव), एल0पी0एस0 (स्विस गाँव स्तर की राजनीतिक पार्टी), सम्यों (प्राकृतिक सुगंधित पौधा), स्यूता (चीड़ का बीज), किलमोड़ी (मेडिसिन पौंधा)

Abstract

उत्तराखण्ड राज्य की अवधारणा के पीछे यहाँ की दुर्गम परिस्थितया व संवेदनशील हिमालय की चिंता छिपी है हिमालय की मिट्टी व जल पूरे देश के काम आता है उपभोगतावादी अविवेकपूर्ण विकासवादी दृष्टि कभी हिमालय में टिकाऊ विकास नहीं कर सकी। पहाड़ के गाँव शहर की बराबरी नहीं कर पा रहे हैं पहाड़ के गाँवों को सत्त विकास से वंचित रखा जाना असमानता है शहर के पास सब कुछ सुविधाएंे हैं गाँव इन सुविधाओं से वंचित है। असुविधा ही समस्या की जड़ है। तल्ला बधाण गाँव भी सुविधाओं से वंचित है। सब कुछ चरमरा जाना तय है। पहाड़ से मैदान को ही नहीं वरन पहाड़ के गाँव से पहाड़ से शहर की ओर भी तेजी से पलायन हुआ है। 

Author Biography

  • डाॅ0 बीना जोशी

     (असि0 प्रो0), राजनीति विज्ञान रा0महिला महा विद्यालय, हल्द्वानी (नैनीताल)

     

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Published

05-10-2026

How to Cite

पहाड़ी क्षेत्र से पलायन और जमीनी लोकतंत्र का संकटः रानीखेत के पास स्थित तल्ला बधाण गाँव पर एक केस स्टडी. (2026). Siddhanta’s International Journal of Advanced Research in Arts & Humanities, 4(1), 86-89. https://sijarah.com/index.php/sijarah/article/view/339

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